Chitragupt temple khajuraho, khajuraho temple inwikipedia

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Chitragupt temple khajuraho, khajuraho temple inwikipedia

चित्रगुप्त मंदिर
चित्रगुप्त मंदिर खजुराहो

चित्रगुप्त मंदिर चंदेल राजाओं द्वारा बनवाए गए विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी खजुराहो में बनी मंदिरों में से एक है। चित्रगुप्त मंदिर की सबसे खास बात क्या है कि इसमें सामाजिक दृश्य को चित्रकला द्वारा दर्शाया गया है। इन्हीं सभी कलाकृतियों की वजह से यूनेस्को की विश्व धरोहर का हिस्सा खजुराहो मंदिरों को बनाया गया था।Chitragupt temple khajuraho, khajuraho temple inwikipedia

चित्रगुप्त मंदिर संरचना(Chitragupta Temple Structure)

 मंदिर की संरचना
चित्रगुप्त मंदिर की संरचना

चित्रगुप्त मंदिर के मुख मंडप महा मंडप अंतराल तथा गर्भ ग्रह को बनाया गया है। मंदिर के भित को धार शिला द्वारा निर्मित किया गया है। इस पर खार – शिलाओं को अंकित किया गया है इस मंदिर में 4 फीट 10 इंच ऊंची भगवान चित्रगुप्त की मूर्ति विराजमान है। यह प्रथम अपने सप्त अश्वीय रथ के साथ इस प्रकार अंकित किए गए हैं कि ऐसा लगता कि रथ से उतरकर मंदिर में स्थापित हो गई हो। चित्रगुप्त मंदिर का अंदर का भाग साधारण तौर पर सजाया गया है।Chitragupt temple khajuraho, khajuraho temple inwikipedia

विभिन्न आकृतियां(different shapes)

 मंदिर की आकृतियां
चित्रगुप्त मंदिर की आकृतियां
मंदिर के मुख मंडप के बाहरी एवं ऊपरी भाग में रथिकाओं को बनाया गया है। भद्र पर मूर्तियों की दो पंक्तियां एवं जांघ पर तीन पंक्तियों बनाई गई है। मंदिर के भीतरी हिस्से में ब्रह्मा, भैरव, विष्णु, कुबेर, सूर्य तथा अन्य चतुर्भुज प्रतिमाएं बनाई गई है। मंदिर को एक और नाम भरत जी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। विष्णु की एकादशी मूर्ति भी बनाई गई है। जिसमें मुख विष्णु भगवान का है तथा अन्य 10 मुख्य उनके अवतारों को बनाया गया है।Chitragupt temple khajuraho, khajuraho temple inwikipedia 

चित्रगुप्त भरत मंदिर(Chitragupt Bharat Temple)

चित्रगुप्त मंदिर का द्वार नौ शाखाओ द्वारा सजाया गया है। जो निम्नलिखित हैं –

  • पहली शाखा पर साधारण प्रस्तर से उकेरा गया है।
  • तीसरी एवं पांचवी शाखा में व्याल उत्कीर्ण किया गया है।
  • चौथी शाखा में स्तंभ शाखा को बनाया गया जिस पर मिथुन बना हुआ है।
  • द्वितीय एवं छठी शाखों पर गज को बनाया गया है।
  • सातवें एवं आठवीं शाखा पर सामान्य प्रस्तर सज्जा, कमल पत्र तथा नाग मूर्तियां द्वारा सजाई गई।
  • नवमी शाखा को गोल पुष्प चक्र से सजाकर बनाया गया है।Chitragupt temple khajuraho, khajuraho temple inwikipedia

चित्रगुप्त मंदिर द्वार(Chitragupt Temple Gate)

मंदिर के अग्रभाग में विद्याधर भगवान सूर्य भूत नायक आदि रथिकाओं पर बनाई गई हैं। द्वार शाखा की प्रारंभ में दोनों ओर गंगा, यमुना की कृतियां अंकित है। मंदिर की रथिकाओं पर सेविकाएं एवं द्वारपाल तथा चारों ओर महिलाएं भी अंकित की गई है। ऊपर की राधिका पर शिव एवं पार्वती की शांति युक्त प्रतिमाओं को अद्भुत रूप से बनाया गया है। मंदिर की प्रतिमाएं परागत रूप में बनाई गई। दक्षिण से पश्चिम कोने में अनाम चतुर्भुज देव, भगवान शिव एवं यह भगवान शिव की प्रतिमा बनाई गई है। मंदिर की अधिकतर प्रतिमाओं में भगवान शिव को सौम्य रूप में दर्शाया गया है।Chitragupt temple khajuraho, khajuraho temple inwikipedia

चित्रगुप्त मंदिर उत्तर मुख(Chitragupt Temple North Face)

चित्रगुप्त मंदिर के उत्तरी मुख की रेखाओं पर वायु, पशु, शिव – पार्वती सेवा कल्याण कुबेर की खंडित प्रतिमाएं सजाई गई हैं। यहां पर मूर्तियों को अंकित करने में दोहराना दर्शाया गया है। उत्तरी- पूर्वी मुख्य भाग में 6 प्रतिमा चतुर्भुज अनाम देवता के रूप में बनाई गई है। इस मंदिर में वरुण की एक खंडित मूर्ति भी अंकित है। पूर्वी मुख्य के ऊपर दक्षिण दिशा की ओर एक रथिका में विशाल उदर देव ललित प्रतिमाओं के रूप में विद्यमान है। देवता सामान्य भावहीन दिखाए गए है।Chitragupt temple khajuraho, khajuraho temple inwikipedia

चित्रगुप्त मंदिर गर्भ ग्रह(Chitragupt Temple Garbha Graha)

गर्भ ग्रह की कुछ विशेषताएं निम्नलिखित हैं –

  • गर्भ ग्रह की मुख्य प्रतिमाओं में भगवान सूर्य देव को दर्शाया गया है।
  • पिंगल प्रतिमा पर सिर को नहीं अंकित किया गया है।
  • गर्भ ग्रह के खाली स्थान को भरने के लिए उषा तथा प्रत्यूष आलिंगन आसान में तीर चलाते हुए दर्शाया गया है।
  • अन्य धनुष धारी महिलाएं हैं जो फलक के रूप में प्रदर्शित हैं।
  • एक रथिका पर योगासन करते हुए भगवान से विराजमान है। इन रथिकाओं को सुंदर रूप में ढाला गया है।Chitragupt temple khajuraho, khajuraho temple inwikipedia

चित्रगुप्त मंदिर का महत्व(Significance of Chitragupta Temple)

 मंदिर का महत्व
चित्रगुप्त मंदिर का महत्व

विश्व पर्यटन नगरी खजुराहो के इन मंदिरों में चित्रगुप्त मंदिर को महत्व अधिक दिया गया है, क्योंकि इन सभी मंदिरों के अलावा चित्रगुप्त मंदिर में भी भगवान के स्वरूप को चित्रकार द्वारा दर्शाया गया है। इन सभी महान कलाकारों द्वारा इस प्रकार की चित्रकारी करना हजारों साल पहले कितना कठिन होता होगा। इन चित्रकारियों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है, इन प्रतिमाओं को बनाने में कितना समय लगा होगा। भारत में ऐसे महान मूर्तिकारों एवं कलाकारों का जन्म हुआ जो उत्कृष्ट कल के उदाहरण है।Chitragupt temple khajuraho, khajuraho temple inwikipedia

अक्सर पूछे गए प्रश्न:

प्रश्न – चित्रगुप्त मंदिर कहां स्थित है?

उत्तर चित्रगुप्त मंदिर खजुराहो मंदिर समूह का एक मंदिर है।

प्रश्न – चित्रगुप्त मंदिर किस राज्य में स्थित है?

उत्तर – चित्रगुप्त मंदिर मध्य प्रदेश में स्थित है।

प्रश्न – चित्रगुप्त मंदिर कौन से जिले में स्थित है?

उत्तर – चित्रगुप्त मंदिर छतरपुर जिले में स्थित है।

प्रश्न – खजुराहो मंदिर का महत्व क्या है?

उत्तर – खजुराहो मंदिर समूह को यूनेस्को की विश्व धरोहर माना गया है।

प्रश्न – बागेश्वर धाम से खजुराहो की दूरी कितनी है?

उत्तर – बागेश्वर धाम से खजुराहो की दूरी 15 से 16 किलोमीटर के आसपास है।

प्रश्न – छतरपुर जिले से खजुराहो की दूरी कितनी है?

उत्तर – जिला मुख्यालय छतरपुर से खजुराहो की दूरी 40 किलोमीटर के करीब है।

प्रश्न – चित्रगुप्त मंदिर कब बना था?

उत्तर – चित्रगुप्त मंदिर का निर्माण सभी मंदिरों के निर्माण के समय ही कराया गया था।

प्रश्न – खजुराहो मंदिर किसके द्वारा बनवाया गया?

उत्तर – खजुराहो मंदिरों का निर्माण चित्रगुप्त मंदिर सहित चंदेल राज वंशजों द्वारा करवाया गया था।

प्रश्न – खजुराहो कैसे जा सकते हैं?

उत्तर – खजुराहो पहुंचने के लिए आपको रेल, मार्ग राष्ट्रीय हवाई अड्डा एवं बस मार्ग द्वारा पहुंच सकते हैं।

प्रश्न – खजुराहो मंदिर घूमने के लिए टिकट लगता है क्या?

उत्तर – कुछ मंदिरों को छोड़ लगभग सभी मंदिरों में घूमने के लिए टिकट दिया जाता है।

प्रश्न – खजुराहो में लोग कहां-कहां से घूमने आते हैं?

उत्तर – खजुराहो को विश्व धरोहर होने के वजह से दुनिया भर के कोने-कोने से लोग यहां आते हैं।

इस लेख द्वारा आपको विश्व पर्यटन नगरी खजुराहो स्थित चित्रगुप्त Chitragupt temple khajuraho से जुड़ी सभी प्रकार की जानकारी प्राप्त हो गई होगी। आप भी अपने सुझावों को हमारे साथ साझा कर सकते हैं। यूनेस्को की विश्व धरोहर होने की नाते आपको एक बार विश्व पर्यटन नगरी का भ्रमण जरुर कहना चाहिए। यहां पर आपको कलाकृति की अद्भुत छवियां देखने को मिलेगी।

 

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